न्यूयार्क टाइम्ज़ ने लिखा है कि जमाल खाशकोजी की हत्या से पूरी दुनिया में सऊदी अरब बदनाम हो गया और यह निश्चित रूप से क्रांउन प्रिंस बिन सलमान के लिए बहुत बड़ी समस्या होगी जो स्वंय को सुधारवादी कहलाना पसन्द करते हैं।
सऊदी अरब के प्रसिद्ध पत्रकार और वाशिंग्टन पोस्ट में कॅालम लिखने वाले जमाल खाशोगी , दो अक्तूबर को को इस्तांबूल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में घुसने के बाद रहस्यमय तरीक़े से लापता हो गये और शनिवार की रात उनकी हत्या की खबर मिली।
वाशिंग्टन पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में उनकी हत्या के पीछे सऊदी शासन का हाथ बताया है।
वाशिंग्टन पोस्ट ने लिखा कि तुर्की पुलिस का अनुमान है कि खाशोगी को सऊदी वाणिज्य दूतावास के भीतर यातना दिये जाने के बाद मार डाला गया।
खशोगी अपनी तुर्क मंगेतर से शादी के लिए कुछ दस्तावेज़ लेने सऊदी दूतावास गये थे।
दरअस्ल वह क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की आलोचना करने की वजह से वांटेड थे और गिरफ्तारी के डर से सऊदीअरब से बाहर रहते थे।
ह्यमन राइट्स वॅाच ने भी खाशोगी के बारे में कहा है कि खाशकोजी की हत्या का यह अर्थ है कि सऊदी अरब की आलोचना करने वाले विदेशों में भी शांति से नहीं रह सकते। पत्रकारों की अंतरराष्ट्रीय संस्था ने भी एक बयान जारी करके मांग की है कि वीभत्स रूप से पत्रकार की हत्या की जांच की जाए।
तुर्की की सरकार ने भी सऊदी अरब के राजदूत को तलब करके इस संदर्भ में स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
फिलहाल जमाल खाशोगी की हत्या और उसके तरीक़े को लेकर विभिन्न खबरें आ रही हैं।
अलखलीजुलजदीद नामक वेबसाइट ने एक जानकार सूत्र के हवाले से लिखा है कि खाशोगी को इस्तांबूल में सऊदी वाणिज्य दूतावास के भीतर सऊदी अधिकारियों की निगरानी में पूछताछ और यातना के बाद मारा गया है। इस वेब साइट ने लिखा है कि सऊदी अधिकारियों ने खाशोगी के शव को टुकड़े - टुकड़े किये और पूरेअपराध का वीडियो बना कर प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को भेजा है ताकि उन्हें विश्वास हो जाए कि " मिशन" पूरा हो गया।
ट्विटर पर खुल कर लिखा जा रहा है कि खाशोगी को " बिन सलमान " के आदेश से मारा गया।